भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद् भारतीय चिकित्सा परिषद् १९७० के अधीन भारत सरकार के राजपत्र अधिसूचना असाधारण भाग (2) धारा तीन (2) दिनांक १०.०८.१९७१ के द्वारा गठित एक सांविधिक निकाय है.
स्थापना वर्ष १९७१ से ही केंद्रीय परिषद् स्नातकीय और स्नातकोत्तर स्तरों पर भारतीय चिकित्सा पद्धति यथा आयुर्वेद, सिद्ध एवं यूनानी की पाठ्यविधि एवं पाठ्य- विवरण सहित विभिन्न विनियमों को बनाती एवं लागू करती रही है | अब भारतीय चिकित्सा पद्धति के समस्त महाविधालय देश के विभिन्न विश्व विद्यालयों से संबद्ध हैं | ये महाविधालय परिषद् द्वारा विहित शिक्षा के न्यूनतम मनको तथा पाठ्यविधि एवं पाठ्य- विवरण का अनुसरण कर रहे हैं |
भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद् के मुख्य प्रयोजन निम्न है :-
भारतीय चिकित्सा पद्धति यथा आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी तिब्ब में शिक्षा के न्यूनतम मानक विहित करना |
* भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद् अधिनियम, १९७० की द्वितीय अनुसूची में / से भारतीय चिकित्सा पद्धति की चिकित्सीय अहर्ताओं की मान्यता ( का समावेदन करने / से मान्यता को वापस लिए जाने ) से संबंधित विषयों पर केन्द्रीय सर्कार को परामर्श देना |
* भारतीय चिकित्सा पद्धति की केन्द्रीय पंजिका का रखरखाव और समय-समय पर उसे परिशोधन करना |
* भारतीय चिकित्सा के चिकित्साभ्यासियो के लिए व्यावसायिक आचरण शिष्टाचार तथा आचार नीति संहिता के मानक विहित करना |

